कविता के यादों की 
बारात..

कविता के यादों की बारात..

"यादों के झुमकों की ,कहानी बड़ी पुरानी है..

जिसे देखा था कल मैंने, आज वो मेरी दीवानी है।।

उनके बालों का पानी , सावन की पहली फुहार है..

दिल-ए-नादान को, वो पल भी याद है।।"..


Comments / Answer

  • Manish Singh

    02-Apr-2018 13:12

    these lines touched my heart it's beautiful..

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